तुम मुझसे मिलने चाँदनी रातों में मत आना

तुम
मुझसे मिलने
चाँदनी रातों में मत आना

चाँद तो पुराना आशिक़ है ही
सितारे भी तुम्हारे दीदार के लिए बेक़रार हैं
ये तुम्हे छेड़ सकते हैं

तुम मुझसे मिलने तब मत आना
जब हवा चल रही हो मद्धम मद्धम भी
किसी ने बताया, ये हवा
तुम्हारे बदन की खुशबू से जलती है
तुम्हारे ऊपर जादू टोना कर सकती है

सुनो
तुम मुझसे मिलने तब भी मत जाना
जब सूरज आसमान में ऊगा हो
ये तुम्हे अपना न बना पायेगा तो जला देगा

फिर भी तुम मिलने आना

मुकेश इलाहाबादी -------------




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