तीर्थ यात्रा

मेरी
तुम तक पहुंचने।
के लिए काफी दूरी तय करनी है
एक लम्बी चढ़ाई तय करनी है
आखिर तीर्थ यात्रा के लिए
इतना तो करना ही होगा
ओ ! मेरी देवी
ओ ! मेरी आराध्य

मुकेश इलाहाबादी -----


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