मेरा ख़त,

मेरा ख़त,
मेरा ख़त पढ़ पढ़ के अकेले में हंसा करते हो
मुझसे मुहब्बत नहीं तो क्यूँ पढ़ा करते हो ??
मुकेश इलाहाबादी -----------------------------

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