सिवाय दर्द के मिलता क्या है ?

सिवाय दर्द के मिलता क्या है ?
ईश्क़ करने से फायदा क्या है ?

तुझे न सोचूँ  मेरे बस में नहीं,
तू बता तू मेरा लगता क्या है?

तुझसे मिलने की है बेकरारी,
ईश्क़ नहीं तो माज़रा क्या है ?

मेरी सांसे तेरी, धड़कन तेरी
पास मेरे अब, बचा क्या है ?

बैठा रहूँ,  तेरा इंतज़ार करूँ,
सिवाय इसके,रास्ता क्या है?

मुझसे नहीं धड़कनो से पूछ,
तेरा ये दिल कहता क्या है ?

मुकेश इलाहाबादी -------------

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