तुम पहले जैसे नहीं रह गए हो दोस्त
तुम पहले जैसे नहीं रह गए हो दोस्त
शायद अपनी राह बदल दिए हो दोस्त
दोस्त मेरी बोली बाणी तो है उसी तरह
शायद तुम ही राह बदल लिए हो दोस्त
जाते वक़्त कहा था जल्दी लौटोगे पर
मियाद खत्म हुई, नहीं आए हो दोस्त
मुकेश इलाहाबादी --------------------
शायद अपनी राह बदल दिए हो दोस्त
दोस्त मेरी बोली बाणी तो है उसी तरह
शायद तुम ही राह बदल लिए हो दोस्त
जाते वक़्त कहा था जल्दी लौटोगे पर
मियाद खत्म हुई, नहीं आए हो दोस्त
मुकेश इलाहाबादी --------------------
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