तुम कहते हो मै तुझे भूल जाऊँ

तुम कहते हो मै तुझे भूल जाऊँ
ये क्यूँ न हीं कहते  मै मर जाऊँ

मेरे पास काँच का दिल है मुकेश
लोग पत्थर लिए बैठे हैं जंहा जाऊँ

मुकेश इलाहाबादी -------------------

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