कुछ लोग प्यारे दीखते हैं ,

सुमी,
जानती हो ?
कुछ लोग प्यारे दिखते हैं ,
कुछ लोग प्यारे होते भी हैं 

कुछ लोग,
प्यारे दिखते हैं
प्यारे होते है भी हैं

और प्यारे लगते भी हैं। 

बस ! तुम मेरे लिए वही हो,

देखो, इस मेरी इस बात पे
तुम मुस्कुराना नहीं, हँसना नहीं।

मुकेश इलाहाबादी ------------------- 




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