तुम्हे वायलिन बजाना आता है ?

लड़की,
ने कहा 'सुनो ! तुम्हे वायलिन बजाना आता है ?
लड़के  ने कहा  "हाँ " "क्यूँ ?"
"मुझे सीखना है "  लड़की इठलाई
लड़के ने कहा "ओ के , पास आओ , थोड़ा और ,,,,
"हूँ ! अब ये लो वायलिन अपनी गोद में रखो, उँगलियाँ तारों पे "
"नहीं - नहीं , ऐसे नहीं "
लड़के ने उसको पीछे से पकड़ के काँधे पे
अपनी ठुड्डी टिकाते हुए  "ऐसे नहीं ऐसे ,,,
लड़की के दोनों हाथो पे अपने हाथ रखते हुए उँगलियों को पकड़ के 
"देखो , ऐसे ,,,,,
अब ! दोनों की उँगलियाँ वायलिन पे तेज़ी से दौड़ने लगी
लड़की की दोनों आँखे पहले चमकी
फिर बंद हो गयीं और
इधर दोनों की उँगलियाँ वायलिन के  तारों पे दौड़ रही थीं 
उधर
एक नए सुर की सृष्टि हो रही थी
वायलिन पे

मुकेश इलाहाबादी ---------------------------

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