जाने कौन सी मज़बूरी होती जा रही हो
जाने कौन सी मज़बूरी होती जा रही हो
आहिस्ता आहिस्ता मेरी होती जा रही हो
वैसे तो तुम पहले से ही खूबसूरत हो पर
ईश्क़ में आसमानी परी होती जा रही हो
तुम्हारे इस तरह महकने का राज़ क्या है
तुम रजनीगंधा रातरानी होती जा रही हो
मुकेश इलाहाबादी ----------------------
आहिस्ता आहिस्ता मेरी होती जा रही हो
वैसे तो तुम पहले से ही खूबसूरत हो पर
ईश्क़ में आसमानी परी होती जा रही हो
तुम्हारे इस तरह महकने का राज़ क्या है
तुम रजनीगंधा रातरानी होती जा रही हो
मुकेश इलाहाबादी ----------------------
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