आओ पानी में छप-छप किया जाए

आओ पानी में छप-छप किया जाए
बारिश के पानी में थोड़ा भीगा जाय

बहुत दिनों बाद इंद्रधनुष निकला है
थोड़ा, मौसम का आनंद लिया जाए

अहा देखो देखो सोने के दाने से भुट्टे 
आओ गरमा गरम भुट्टा खाया जाए

गाँव के सिवान पे पुरानी पुलिया है
कुछ  देर वहाँ पे जा कर  बैठा जाए

मुकेश, उदास हो के यूँ न बैठो तुम
बारिश में इश्क़ का मज़ा लिया जाए

मुकेश इलाहाबादी ------------------

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