लड़ेगा झगडेगा और मनुहार करेगा

लड़ेगा झगडेगा और मनुहार करेगा
जो शख्श तुमसे सच्चा प्यार करेगा

हो सकता है किसी बात पे झूठा कहे
ज़रूरत पड़े तो तुमपे एतबार करेगा

गर रूठ के तुम उससे मुँह फुला लो
छेड़ छेड़,बात तुमसे बार बार करेगा

गर देखेगा तुम्हारे आस पास खतरा
सबसे पहले तुमको खबरदार करेगा 

दिन हो कि रात हो या हो शुबो शाम
प्यार करने वाला सिर्फ प्यार करेगा

मुकेश इलाहाबादी -----------------

Comments

Popular posts from this blog

एक मुसाफिर की डायरी से --------------

एकांत एक नदी है

बात दोनों तरफ हो तो मज़ा देता है