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Monday, 16 March 2026

इश्क़ का बेआवाज़ दरिया

 इश्क़ का बेआवाज़ दरिया


इश्क़

एक बेआवाज़ दरिया है

जो दिल की ज़मीन के नीचे

चुपचाप बहता रहता है।


न उसकी लहरें सुनाई देती हैं,

न उसका शोर कहीं उठता है

मगर रूह की प्यास

उसी से बुझती है।


और जो एक बार

उस दरिया तक पहुँच जाए

वो उम्र भर

उसकी ख़ामोश रवानी में

भीगता रहता है। 


मुकेश ,,,,

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