माँ का आँचल पकड़े
एक छोटा-सा बच्चा
ज़िद पर अड़ा खड़ा है।
उसकी उँगलियाँ
आँचल को कसकर थामे हैं,
जैसे वही
दुनिया की सबसे मज़बूत चीज़ हो।
वो कभी
माँ की तरफ़ देखता है,
कभी
अपने छोटे पाँव पटकता है
और उसकी आँखों में
एक साफ़-सी माँग है।
माँ
हल्की-सी मुस्कुरा देती है,
और उसका सिर
धीरे से सहला देती है।
उस पल
दुनिया की सारी जिदें
बहुत छोटी लगती हैं
क्योंकि
एक बच्चे की ज़िद में
दरअसल
माँ के प्यार पर
सबसे गहरा भरोसा छिपा होता है।
मुकेश ,,,,,,,,
No comments:
Post a Comment