अंधकार की प्रयोगशाला
अंधकार
रिक्तता नहीं है
वह एक प्रयोगशाला है,
जहाँ प्रकाश
अपनी अगली परिकल्पना तैयार करता है।
दृश्य के पार
जो अदृश्य है,
वही इस शोध का पहला कक्ष है।
डार्क मैटर—
जिसे देखा नहीं गया,
पर जिसकी उपस्थिति
आकाशगंगाओं की गति में दर्ज है।
तारे घूमते हैं,
पर उतनी तीव्रता से नहीं बिखरते
जितनी गणना कहती थी।
अदृश्य द्रव्य
उन्हें थामे हुए है
मानो प्रयोगशाला की
अनदेखी दीवारें।
फिर डार्क एनर्जी
विस्तार का रहस्यमय त्वरण।
ब्रह्मांड
धीरे नहीं,
तेज़ी से फैल रहा है।
कौन-सी शक्ति
इस विस्तार को निर्देशित करती है?
अंधकार
अब भी उत्तर गुप्त रखे है।
ब्लैक होल
उस प्रयोगशाला के
विशेष कक्ष हैं।
जहाँ प्रकाश भी
डेटा बनकर
गिरता है।
इवेंट होराइज़न
एक सीमा,
जहाँ समीकरण
अपनी विश्वसनीयता जाँचते हैं।
क्वांटम स्तर पर
वैक्यूम भी रिक्त नहीं।
वर्चुअल कण
क्षण-भर को जन्म लेते हैं,
विलीन हो जाते हैं—
मानो अंधकार
सूक्ष्म प्रयोगों में व्यस्त हो।
यहाँ शून्य
निष्क्रिय नहीं,
संभावनाशील है।
निहारिकाओं के भीतर
अंधकार ही
गुरुत्व को संगठित करता है।
उसी घने मौन में
धूल सिमटती है,
ताप बढ़ता है,
और तारा जन्म लेता है।
इस प्रकार
अंधकार विरोधी नहीं,
उद्गम है।
हम जब रात को देखते हैं,
तो केवल अनुपस्थिति नहीं देखते
हम उस प्रयोगशाला की
झिलमिलाती खिड़कियाँ देखते हैं,
जहाँ प्रकाश
अपनी अगली खोज की तैयारी में है।
अंधकार की प्रयोगशाला
अब भी सक्रिय है।
हर प्रश्न
एक नया प्रयोग,
हर खोज
एक अस्थायी निष्कर्ष।
और ब्रह्मांड
उस विशाल अनुसंधान का
अब तक अप्रकाशित परिणाम।
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