होम | रोज़नामचा | कविताएँ | कहानियाँ | विचार | ज्योतिष | लेखक

Monday, 9 March 2026

कभी किसी की धूप बन जाना

 कभी किसी की धूप बन जाना,

कभी किसी की छाँव भी होना।

ज़िन्दगी बस इतनी सी है,
किसी की दुआओं में होना।

मुकेश ,,,,,,,,,,,,,


No comments:

Post a Comment